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और तेरी औकात से ज्यादा तो मेरे सिगरेट के खर्चे हैं!बदमाशियों में भी हमारे दिल के नेक अरमान हैं।
तेरे इशारों में छुपा है कुछ ऐसा तिलिस्म,
मेरी माँ ने किसी की तरक्की पर जलना नहीं सिखाया!
भाई की पहचान चेहरे से नहीं, औकात से होती है
इस शायरी में आपका एटीट्यूड और बदमाशी का खास मिलन है, जो दिल की बात को तुर्श और मजेदार अंदाज़ में पेश करती है। ये शायरी आपकी दमदार सोच को बयां करती है।
कल उन्हीं के नाम लिखे होंगे हमारे कदमों ने
तेरे डबल मीनिंग जुमलों में भी मोहब्बत साफ लगती है।
पर more info जो सामने कहे, वो दम किसी में नहीं आता है।
मै रहा नहीं और जो मैं हूँ वो तुम्हे पता नहीं!
और तुम्हे लगता है मैं तुम्हारी सुनूंगा…!
अंदाज़ ऐसा रखो कि दुश्मन भी सोच में पड़ जाए,
ये वो तूफ़ान है जो सही वक्त पर बरसेगा ️⚡
मगर जल कर राख बनने वाले कम हैं — हम उनमें से नहीं